चतरा जिले के मलकपुर पंचायत सचिवालय में एक प्रज्ञा केंद्र संचालक ने आत्महत्या कर ली। मृतक को इटखोरी थाना क्षेत्र के पकरिया गांव निवासी 32 वर्षीय शैलेंद्र कुमार सिंह के रूप में हुई।

मौके पर पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। शैलेन्द्र कुमार ने अपने नोट में CSC विभाग के अधिकारियों को अपनी मौत का दोषी ठहराया है। उन्होंने लिखा कि विभाग के अधिकारी निरंतर काम कर रहे थे, बिना किसी पैसे दिए।
शव को पुलिस ने सदर अस्पताल चतरा में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए है। मामले की जांच अभी भी चल रही है।
जिला परिषद पति भरत साव ने अपने सुसाइड नोट में इस घटना पर चिंता व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने प्रशासनिक दबाव और आर्थिक संकट का उल्लेख किया है। सुसाइड नोट में प्रशासनिक दबाव और आर्थिक तंगी का उल्लेख है। यह घटना निचले स्तर पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों के आर्थिक शोषण को दर्शाती है। समय पर भुगतान नहीं करने से छोटे संचालक परेशान हो जाते हैं।
इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक सिंह ने कहा कि घटना के दौरान मृतक ने एक सुसाइड नोट लिखा है। जिसमें उनका आरोप लगाया गया है कि वे सीएससी से जुड़े अधिकारियों पर मुफ्त में काम करने का दबाव डालते हैं। मामले की जांच जारी है।
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