एसबीआई, देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, इसमें तत्काल लेनदेन सेवा (आईएमपीएस) पर शुल्क लगाने की घोषणा की है। 15 अगस्त से शुरू हो जाएगी, जो 25 हजार से पांच लाख रुपये तक की राशि को तत्काल भेजने पर शुल्क वसूला जाएगा।

यह संभव है कि अन्य बैंक भी इसे लागू कर सकें। स्टेट बैंक ने बताया कि 25 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक के लेनदेन पर शुल्क की दर दो रुपये होगी। वहीं, दो लाख से पांच लाख रुपये तक की रकम भेजने पर सबसे अधिक 10 रुपये वसूला जाएगा।
इसमें एसबीआई 15 अगस्त से 25 हजार से अधिक की शुल्क राशि पर जीएसटी अलग से शामिल होगा। शौर्य पारिवारिक पेंशन समेत कुछ अन्य खातों पर बैंक ने आईएमपीएस शुल्क नहीं लगाया है। एक हजार से पांच लाख रुपये तक की राशि आईएमपीएस के माध्यम से भेजने पर एसबीआई अभी तक कोई शुल्क नहीं लेता है। बैंक शाखा से किए जाने वाले आईएमपीएस पर पहले से टैक्स लगता है।






